काम के दौरान लगातार मोबाइल, कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन देखते रहने से आंखों पर थकान महसूस होना आम बात है। लंबे समय तक एक ही जगह नजर टिकाए रखने से आंखों में सूखापन, जलन, भारीपन, धुंधला दिखाई देना और सिरदर्द जैसी परेशानियां हो सकती हैं। खासकर ऑफिस में लगातार कई घंटे स्क्रीन पर काम करने वालों के लिए आंखों को बीच-बीच में आराम देना जरूरी है। अच्छी बात यह है कि रोजमर्रा की कुछ आसान आदतों को अपनाकर आंखों पर पड़ने वाले तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सबसे जरूरी आदत है कि काम के बीच नियमित अंतराल पर स्क्रीन से नजर हटाई जाए। हर कुछ देर में कुछ समय के लिए दूर किसी वस्तु को देखने से आंखों को लगातार पास की स्क्रीन पर फोकस करने से राहत मिलती है। इसे आसान बनाने के लिए कंप्यूटर या मोबाइल में रिमाइंडर लगाया जा सकता है। कोशिश करें कि काम करते समय लगातार बिना ब्रेक के कई घंटे स्क्रीन न देखें।
आंखों की पलकें झपकाना भी बहुत जरूरी है। स्क्रीन देखते समय लोग अक्सर सामान्य से कम पलकें झपकाते हैं, जिससे आंखों में सूखापन और जलन महसूस हो सकती है। इसलिए जानबूझकर नियमित रूप से पलकें झपकाने की आदत डालें। अगर लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करना पड़ता है तो बीच-बीच में आंखें बंद करके कुछ क्षण आराम देना भी उपयोगी हो सकता है।
काम करने की जगह की रोशनी पर भी ध्यान देना चाहिए। बहुत तेज या बहुत कम रोशनी में स्क्रीन देखने से आंखों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। कंप्यूटर स्क्रीन की ब्राइटनेस कमरे की रोशनी के अनुसार रखें और स्क्रीन पर पड़ने वाली सीधी रोशनी या चमक को कम करें। स्क्रीन की स्थिति ऐसी रखें कि खिड़की या तेज रोशनी का प्रतिबिंब सीधे आंखों में न आए।
स्क्रीन की दूरी भी महत्वपूर्ण है। कंप्यूटर या लैपटॉप को बहुत पास रखकर काम करने से आंखों को लगातार नजदीक फोकस करना पड़ता है। स्क्रीन को ऐसी दूरी और ऊंचाई पर रखें कि गर्दन और आंखों पर अनावश्यक दबाव न पड़े। मोबाइल को भी बहुत पास लाकर देखने की आदत से बचना चाहिए।
काम के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक लेना केवल आंखों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर के लिए अच्छा है। कुछ मिनट के लिए कुर्सी से उठकर चलना, खिड़की के बाहर देखना या कमरे में थोड़ा घूमना शरीर और आंखों दोनों को आराम दे सकता है। लगातार बैठकर काम करने के बजाय काम के बीच छोटे ब्रेक को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना बेहतर है।
अगर आंखों में बार-बार जलन, दर्द, लगातार धुंधलापन, ज्यादा लालिमा या सिरदर्द की समस्या हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में आंखों के विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है। अपनी तरफ से बार-बार आई ड्रॉप इस्तेमाल करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहता है।
आंखें हमारे रोजमर्रा के काम का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए काम की गति बनाए रखने के साथ-साथ आंखों को आराम देना भी जरूरी है। स्क्रीन से थोड़ी देर नजर हटाना, पर्याप्त पलकें झपकाना, सही रोशनी रखना और छोटे ब्रेक लेना जैसी छोटी आदतें लंबे समय तक आंखों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं।