IMG-LOGO

अंपायर की एक गलती की वजह से दोहरे शतक से चूके देवदत्त पडिक्कल, 199 रन पर दिया गलत आउट

Posted on: 2026-10-26
IMG
अंपायर की एक गलती की वजह से दोहरे शतक से चूके देवदत्त पडिक्कल, 199 रन पर दिया गलत आउट

क्रिकेट के मैदान पर कभी-कभी एक छोटी-सी गलती खिलाड़ी के शानदार प्रदर्शन पर भारी पड़ जाती है। ऐसा ही कुछ देवदत्त पडिक्कल के साथ देखने को मिला, जब वह अपने दोहरे शतक से सिर्फ एक रन दूर रह गए। शानदार बल्लेबाजी कर रहे पडिक्कल 199 रन के निजी स्कोर पर आउट दिए गए। इस फैसले ने क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा छेड़ दी। जिस बल्लेबाज ने अपनी बेहतरीन तकनीक, धैर्य और आक्रामक अंदाज से गेंदबाजों को परेशान कर रखा था, वह ऐतिहासिक दोहरा शतक पूरा करने से चूक गया। क्रिकेट में 199 रन पर आउट होना किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद निराशाजनक पल होता है, खासकर तब जब वह दोहरे शतक के इतने करीब पहुंच चुका हो।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मुकाबला इंडिया-ए और न्यूजीलैंड-ए के बीच खेले जा रहे पहले अनौपचारिक टेस्ट मैच का था। पडिक्कल ने 248 गेंदों का सामना करते हुए 24 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 199 रन बनाए। उनकी पारी की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उन्होंने मुश्किल समय में टीम को संभाला। भारत-ए ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए थे, लेकिन पडिक्कल ने साई सुदर्शन के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 215 रनों की शानदार साझेदारी की। सुदर्शन ने भी 91 रनों का अहम योगदान दिया।

विवाद तब हुआ, जब न्यूजीलैंड-ए के गेंदबाज जैक गिब्सन की गेंद पर विकेट के पीछे कैच की अपील की गई। अंपायर ने पडिक्कल को आउट करार दे दिया, जबकि बल्लेबाज को विश्वास था कि गेंद उनके बल्ले से नहीं लगी है। उन्होंने फैसले पर नाराजगी जताई, लेकिन उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। इस मुकाबले में डिसीजन रिव्यू सिस्टम (DRS) की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, इसलिए वह फैसले को चुनौती नहीं दे सके

भले ही पडिक्कल दोहरे शतक से चूक गए, लेकिन उनकी 199 रनों की पारी इंडिया-ए के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। उन्होंने न केवल टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला, बल्कि अपनी बल्लेबाजी क्षमता का भी शानदार प्रदर्शन किया। क्रिकेट में अंपायर के फैसले खेल का हिस्सा होते हैं, लेकिन जब कोई खिलाड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि के इतने करीब हो, तो ऐसा फैसला लंबे समय तक चर्चा में रहता है। पडिक्कल के लिए यह पारी एक ओर बड़ी उपलब्धि रही, तो दूसरी ओर सिर्फ एक रन से दोहरा शतक चूकने की कसक भी बनी रहेगी।

Tags: